क्रेडिट कार्ड बिल EMI व हिडन चार्जेस वैलिडेटर
बैंकों के 18% GST, प्रोसेसिंग फीस और डेब्ड ट्रैप का लाइव पर्दाफाश
💡 क्रेडिट कार्ड बिल को EMI में बदलने से पहले क्या जानना ज़रूरी है?
जब आप अपने क्रेडिट कार्ड के भारी-भरकम बिल को मासिक किश्तों में बदलते हैं, तो बैंक आपको 14%-18% की कम ब्याज दर का झांसा देते हैं। लेकिन असली खेल **प्रोसेसिंग फीस** और उस पर लगने वाले **18% GST** का होता है। इसके अलावा, जैसे ही आप किसी ट्रांजैक्शन को EMI में बदलते हैं, आपका ब्याज-मुक्त पीरियड (Interest-Free Window) समाप्त हो जाता है। यदि आप समय पर EMI नहीं चुका पाते, तो डिफ़ॉल्ट पेनल्टी रेट **सालाना 42% से 48%** तक जा सकता है, जो आपको एक गहरे कर्ज के जाल (Debt Trap) में धकेल देता है।
अस्वीकरण: अलग-अलग बैंकों (जैसे SBI, HDFCa, ICICI) के नियमों, मर्चेंट ऑफर्स (No-Cost EMI) और व्यक्तिगत क्रेडिट स्कोर के आधार पर फीस और टैक्स कैलकुलेशन बदल सकती हैं। अंतिम निर्णय से पहले अपने बैंक स्टेटमेंट या कस्टमर केयर से पुष्टि अवश्य करें।